कानून-व्यवस्था, आपदा राहत और पंचायत चुनावों में धांधली के मुद्दे पर राजभवन कूच — पुलिस से भिड़ंत, करन माहरा-यशपाल आर्य समेत कई नेता हिरासत में

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी मंगलवार को कांग्रेस के आक्रोश से थर्रा उठी। बिगड़ती कानून व्यवस्था, आपदा राहत में लापरवाही और पंचायत चुनावों में कथित धांधली को लेकर कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार को घेरा। राजभवन कूच के दौरान हाथीबड़कला बैरियर पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल समेत कई दिग्गज नेताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और महिलाएं पूरी तरह असुरक्षित हो चुकी हैं।
“कानून व्यवस्था चौपट है, हत्या-आत्महत्या की घटनाएं लगातार हो रही हैं और आपदा राहत के नाम पर सरकार फेल है।” — करन माहरा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
जनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस यह सियासी आक्रामकता 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर दिखा रही है। हाल के दिनों में कांग्रेस ने बार-बार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर सड़क पर उतरने का रुख अपनाया है। इसे भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है। राजभवन कूच के अंत में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी हुई। पार्टी का दावा है कि जनता के अधिकारों की लड़ाई अब और तेज़ी से लड़ी जाएगी।