रजत जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने ₹8260.72 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को बड़ी सौगात दी। प्रधानमंत्री ने कुल ₹8260.72 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें ₹7329.06 करोड़ की 19 परियोजनाओं का शिलान्यास और ₹931.65 करोड़ की 12 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

राज्य को मिले विकास के नए आयाम

प्रधानमंत्री ने सिंचाई, ऊर्जा, पेयजल, शिक्षा, पर्यटन और खेल सहित अनेक क्षेत्रों में विकास की नई राह खोलने वाली परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

मुख्य परियोजनाएँ – शिलान्यास

सौंग बांध पेयजल परियोजना (₹2491.96 करोड़) – देहरादून व टिहरी जिलों में प्रस्तावित इस परियोजना से देहरादून को प्रतिदिन 150 एमएलडी पेयजल मिलेगा। 130 मीटर ऊँचा बांध शहर की जलापूर्ति में बड़ा सुधार लाएगा।

जमरानी बांध पेयजल परियोजना (₹2584.10 करोड़) – नैनीताल जिले की यह बहुउद्देशीय परियोजना 57,065 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और 14 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखती है।

  • अलकनंदा नदी तट संरक्षण कार्य, ज्योतिर्मठ (₹100.53 करोड़)
  • काली नदी तटबंध कार्य, धारचूला (₹140.22 करोड़)
  • पीपलकोटी 400 के.वी. स्विचिंग उपसंस्थान (₹340.29 करोड़)
  • महिला खेल महाविद्यालय, लोहाघाट (₹256.96 करोड़)
  • राजकीय पॉलिटेक्निक भवन निर्माण, ₹100.67 करोड़
  • चौरासी कुटिया पुनरोद्धार, यमकेश्वर (₹100.89 करोड़)
  • सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना, ₹129.37 करोड़
  • दुग्ध संघ लालकुआं में अत्याधुनिक दुग्धशाला (₹80.77 करोड़)

कई जनपदों में पर्यटन, स्वास्थ्य और पेयजल योजनाएँ

 

मुख्य परियोजनाएँ – लोकार्पण

 

  • बरम (धारचूला) 220/33 के.वी. उपसंस्थान (₹161.98 करोड़)
  • बिंदाल–पुरकुल 132 के.वी. पारेषण लाइन, देहरादून (₹38.71 करोड़)
  • देहरादून जलापूर्ति योजना (अमृत 1.0) – ₹128.56 करोड़
  • राजकीय पॉलिटेक्निक भवन निर्माण – ₹126.27 करोड़
  • गंगोलीहाट, बागेश्वर, पौड़ी में पेयजल योजनाएँ – ₹80.81 करोड़
  • ग्वालगांव भूस्खलन उपचार कार्य – ₹84.09 करोड़
  • हल्द्वानी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड – ₹18.61 करोड़
  • प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग कार्यशाला – ₹26.91 करोड़

विकसित उत्तराखण्ड का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखण्ड न केवल आस्था की भूमि है बल्कि अब यह विकास और नवाचार का केन्द्र बनता जा रहा है। राज्य की रजत जयंती पर ये परियोजनाएँ उत्तराखण्ड को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

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