देहरादून। पवित्र रमजान माह की शुरुआत को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह का माहौल है। सऊदी अरब में चांद नजर आने के बाद वहां आज पहला रोजा रखा जा रहा है, जबकि भारत में आज चांद दिखाई देने पर रमजान की पहली तरावीह (विशेष नमाज) अदा की जाएगी और कल पहला रोजा होगा।
इस्लाम धर्म में रमजान को सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में रोजेदार सुबह सहरी से लेकर शाम इफ्तार तक रोजा रखकर आत्मसंयम, इबादत और नेकियों पर विशेष ध्यान देते हैं। रमजान का उद्देश्य केवल भूखे-प्यासे रहना नहीं, बल्कि अपने विचारों, आदतों और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है।
इसी क्रम में देहरादून स्थित जामा मस्जिद देहरादून के इमाम साहब ने रमजान को बहुत ही नेक, पाक और रहमतों से भरा महीना बताया। उन्होंने कहा कि इस पाक महीने में इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है और अल्लाह की खास रहमतें नाज़िल होती हैं। उन्होंने रोजेदारों से नमाज, रोजा, तिलावत और दुआओं के साथ-साथ सब्र, संयम और अच्छे आचरण को अपनाने की अपील की, साथ ही जरूरतमंदों की मदद और समाज में अमन-मोहब्बत को मजबूत करने पर जोर दिया।
सेहत का रखें खास ख्याल
रोजा सेहत के लिए लाभकारी है, बशर्ते सही खान-पान अपनाया जाए। इफ्तार से सहरी तक पर्याप्त पानी पिएं—नींबू पानी या नारियल पानी बेहतर विकल्प हैं। बहुत मीठे पेय और कोल्ड ड्रिंक से बचें। इफ्तार हल्की रखें—खजूर और पानी से रोजा खोलें, फिर फल, सलाद, दही और सादा भोजन लें। सहरी में दलिया, दही और फल जैसे पौष्टिक विकल्प चुनें तथा बहुत नमकीन व तली-भुनी चीजों से परहेज करें। शुगर, ब्लड प्रेशर, दिल या अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग रोजा रखने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
शहर देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में रमजान के स्वागत की तैयारियां पूरी हैं। मस्जिदों में तरावीह की नमाज के इंतजाम किए गए हैं और बाजारों में रौनक दिखाई दे रही है। रमजान का यह पाक महीना सब्र, शांति और इंसानियत का पैगाम लेकर आया है।

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