धराली आपदा: स्वास्थ्य विभाग का त्वरित और समर्पित एक्शन, ज़मीनी स्तर पर सतत चिकित्सा राहत कार्य जारी

देहरादून.उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशीलता, तत्परता और अनुकरणीय समर्पण के साथ राहत कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में स्वास्थ्य विभाग ने हर स्तर पर सशक्त और समन्वित कदम उठाए हैं।

सीधे नियंत्रण में स्वास्थ्य सचिव, निरंतर संवाद और निगरानी

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार स्वयं पूरे राहत अभियान की सीधी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने आपदा की गंभीरता को देखते हुए ग्राउंड ज़ीरो पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु लगातार विभागीय टीमों से सीधा संवाद बनाए रखा है। सचिव ने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में किसी भी व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहने देने का लक्ष्य सर्वोपरि है।

विशेष हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से मेडिकल टीमों की तैनाती

हर्षिल और धराली क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए 9 सदस्यीय मेडिकल टीम को तैनात किया गया है, जो स्थानीय प्रशासन के समन्वय से प्रभावितों को प्राथमिक चिकित्सा, आपात उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध करा रही है।

मातली में डॉक्टरों की विशेष टीम सक्रिय

दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सीएमएस डॉ. आर. एस. बिष्ट के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एक और मेडिकल टीम को मातली में तैनात किया गया है। इस टीम में 7 अनुभवी डॉक्टर और 5 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। डॉ. बिष्ट ने बताया कि टीम ने अब तक 70 से अधिक घायलों का सफलतापूर्वक उपचार किया है। इनमें से अधिकांश को हेलीसेवा के माध्यम से एयरलिफ्ट कर उपचार हेतु मातली लाया गया है। अच्छी बात यह रही कि आज किसी भी मरीज को रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जो राहत की स्थिति को दर्शाता है।

गंभीर घायलों को उच्च संस्थानों में किया गया रेफर

अब तक 3 गंभीर रूप से घायल मरीजों को एम्स ऋषिकेश, और 2 को आर्मी हॉस्पिटल रेफर किया गया है। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका समुचित उपचार जारी है। इसके अतिरिक्त, उत्तरकाशी जिला अस्पताल में 9 घायल मरीजों का इलाज चल रहा है, और सभी की हालत स्थिर बताई गई है।

मानसिक स्वास्थ्य का भी रखा गया ध्यान

आपदा से उत्पन्न मानसिक आघात को ध्यान में रखते हुए, मनोचिकित्सकों की विशेष टीम को भी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। यह टीम निरंतर काउंसलिंग के माध्यम से पीड़ितों को मानसिक सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि उन्हें इस मानसिक दबाव से उबरने में सहायता मिल सके।अ

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने यह भी जानकारी दी कि आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त मेडिकल टीमों को पूरी तरह तैयार रखा गया है, जिन्हें हेलीकॉप्टर या अन्य माध्यमों से त्वरित गति से आपदा क्षेत्र में भेजा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग 24×7 सक्रिय है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर ज़रूरतमंद व्यक्ति तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचे।

राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: नागरिकों की सुरक्षा व स्वास्थ्य

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आपदा प्रबंधन के हर पहलू पर सजग और सक्रिय है। स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर आपात स्थिति में संवेदनशीलता, तत्परता और समर्पण के साथ कार्य कर रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी नागरिक इलाज या मानसिक सहयोग से वंचित न रह जाए।

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