देहरादून। उत्तराखंड में बरसात का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मानसून के आखिर में भी पहाड़ों में आपदा की घटनाएं सामने आ रही हैं। बुधवार देर रात चमोली जिले के नंदानगर ब्लॉक के ऊपरी हिस्सों में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ।
अचानक हुई तेज बारिश और पहाड़ी ढलानों से आए मलबे ने फाली कुंतरी, सैंती कुंतरी, भैंसवाड़ा और धुर्मा गांवों में तबाही मचाई। सबसे ज्यादा नुकसान कुंतरी वार्ड के फाली इलाके में हुआ, जहां मलबे में दबकर छह घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। इस हादसे में 12 लोग लापता हैं, जबकि दो लोगों को ग्रामीणों और रेस्क्यू टीमों ने जीवित बाहर निकाल लिया

घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दल सक्रिय हो गए। एसडीआरएफ की टीम नंदप्रयाग पहुंच चुकी है और गोचर से एनडीआरएफ की इकाई भी रवाना कर दी गई है। जिला प्रशासन ने मौके पर मेडिकल टीम और 108 एंबुलेंस भी भेज दी हैं।
नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव में भी भारी बारिश से पांच मकानों को नुकसान पहुंचा, हालांकि यहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वहीं, मोक्ष नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में भय का माहौल है।

जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि राहत व बचाव कार्य तेज गति से चल रहे हैं और लापता लोगों की खोज में टीमें जुटी हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने की अपील की है।

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