जानिए क्या है मिलाद उन नबी, क्यों मनाया जाता है

देहरादून। मीलाद उन-नबी इस्लाम धर्म के मानने वालों के कई वर्गों में एक प्रमुख त्यौहार है। इस शब्द का मूल मौलिद (Mawlid) है जिसका अर्थ अरबी में “जन्म” है। अरबी भाषा में ‘मौलिद-उन-नबी’ (مَولِد النَّبِي) का मतलब है हज़रत मुहम्मद का जन्म दिन है। यह त्यौहार 12 रबी अल-अव्वल को मनाया जाता है मीलाद उन नबी संसार का सबसे बड़ा जशन माना जाता है। 1588 में उस्मानिया साम्राज्य में यह त्यौहार का प्रचलन जन मानस में सर्वाधिक प्रचलित हुआ।

मवलिद का मूल अरबी भाषा का पद “वलद” है, जिस का अर्थ “जन्म देना”, “गर्भ धारण” या “वारिस” (वंश) के हैं।  समकालीन उपयोग में, मवलीद या मौलीद या मौलूद, प्रेशित मुहम्मद के जन्मतिथी या जन्म दिन को कहा जाता है।

मौलीद का अर्थ ह.मुहम्मद के जन्म दिन का भी है, और इस शुभ अवसर पर संकीर्तन पठन या गायन को भी “मौलीद” कहा जाता है, जिस में सीरत और नात पढी जाती हैं

मीठी और कुर्बानी से कितनी अलग होती है ये ईद

देहरादून शहर काजी ने बताया कि इस्लाम में सिर्फ दो ईद होती हैं – ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा, यानि मीठी ईद और कुर्बानी की ईद. चूंकि पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म (Prophet Muhammad birth anniversary) इस्लाम में बहुत ज्यादा मायने रखता है, इसलिए इसे ईद कहते हैं. ईद का अर्थ होता है जो चीज बार-बार पलट कर आए।  इस बार ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व बेहद खास हो गया है कि क्योंकि इसी साल हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्म के 1500 साल पूरे हो रहे हैं.

कैसे मनाया जाता है ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व?

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के अनुसार पैग़ंबर हज़रत मोहम्मद साहब के इस पर्व से एक दिन पहले रात में 8 बजे से जलसे प्रारंभ हो जाएंगे. इस मौके पर तमाम उलेमा और विद्वान लोगों को इस्लाम से जुड़ी शिक्षा देंगे तो वहीं शायर पैगंबर साहब की सीख को को कविता के रूप में अपना नातिया कलाम सुनाते हैं. ईद मिलाद-उन-नबी एक ओर जहां घरों और मस्जिदों को सजाया जाता है तो वहीं तमाम शहरों में जुलूस निकलते हैं. यह जुलूस जहां खत्म होता है, वहां पर एक भव्य जलसा होता है. जुलूस के रास्ते में लोग खाने पीने की चीजें बांटते हैं. इस दिन अल्लाह की विशेष इबादत की जाती है और लोग एक दूसरे को गले मिलकर शुभकामनाएं देते हैं.

विभिन्न देशों और भाषाओं में नाम

अरबी: ईद अल-मौलिद अन-नबी

उर्दू/हिंदी: ईद-ए-मीलादुन्नबी

तुर्की: मेवलीद-ए-शरीफ़

फ़ारसी: मीलाद-ए-पयम्बर-ए-अकरम

स्वाहिली: मौलीदी

इंडोनेशियाई/मलय: मौलीदुर-रसूल

संस्कृत/भारतीय भाषाएँ: नबी जयंती या महानबी जयंती

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