टी20 विश्व कप 2026 में रोमांच अपने चरम पर है। टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए जिम्बाब्वे ने खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही Australia को 23 रनों से हरा दिया। यह जीत सिर्फ स्कोरबोर्ड पर दर्ज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि छोटे क्रिकेटिंग देशों के बढ़ते आत्मविश्वास और बदलते टी20 परिदृश्य का प्रतीक है।
कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी। शुरुआती ओवरों में सतर्क खेल दिखा, लेकिन पारी को स्थिरता दी सलामी बल्लेबाज़ ब्रायन बेनेट ने। उनकी संयमित और आत्मविश्वास से भरी नाबाद 64 रनों की पारी ने टीम को मजबूत आधार दिया। अंत के ओवरों में सिकंदर रजा की तेज़ बल्लेबाज़ी ने स्कोर को 169/2 तक पहुंचा दिया—जो इस पिच पर किसी चुनौती से कम नहीं था।
जवाब में ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बिखरी हुई रही। पावरप्ले में लगातार विकेट गिरने से दबाव बढ़ता चला गया। बीच क्रम में मैथ्यू रेनशॉ ने संघर्षपूर्ण अर्धशतक लगाकर उम्मीद जगाई, लेकिन रनगति और विकेटों का नुकसान पीछा करने की राह में बाधा बन गया। अंततः ऑस्ट्रेलियाई टीम लक्ष्य से 23 रन पीछे रह गई।
जिम्बाब्वे की जीत की नींव गेंदबाज़ों ने रखी। तेज़ गेंदबाज़ ब्लेसिंग मुजरबानी ने नई गेंद से धारदार स्पेल डालते हुए शीर्ष क्रम को झकझोर दिया, जबकि ब्रैड इवांस ने निर्णायक मौकों पर विकेट निकालकर मैच को अपने पक्ष में मोड़ दिया।
टी20 विश्व कप अब केवल बड़ी टीमों का खेल नहीं रह गया है। हालिया वर्षों में United States की Pakistan पर जीत, Namibia का Sri Lanka को हराना और Ireland का England को चौंकाना—इन सबने संकेत दे दिए थे कि टी20 में कोई भी टीम किसी भी दिन बाज़ी पलट सकती है। जिम्बाब्वे की यह जीत उसी बदलते क्रिकेट युग की ताज़ा और सबसे तेज़ गूंज है।

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