Dehradun. देहरादून में भारत सरकार की युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत एनसीसी कैडेट्स को आपदा प्रबंधन से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। यह प्रशिक्षण 23 नवंबर 2025 से शुरू होकर 29 नवंबर 2025 तक चला, जिसमें कैडेट्स को अलग-अलग प्रकार की आपदाओं से निपटने के कौशल सिखाए गए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखंड शासन और जिलाधिकारी देहरादून के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को आपदा प्रबंधन की मूल अवधारणाओं से लेकर व्यावहारिक रेस्क्यू तकनीकों तक कई विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

कैडेट्स को भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, त्वरित बाढ़, सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा, फर्स्ट एड एवं मेडिकल इमरजेंसी रिस्पॉन्स, CNBR (केमिकल, न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल) आपदा प्रबंधन, रोड सेफ्टी, ट्रैफिक दुर्घटनाओं का प्रबंधन, स्ट्रेचर बनाना, रस्सियों की गांठें, नदी पार करने की विधियाँ, जंगल और शहरी आग प्रबंधन, सैटेलाइट फोन संचालन और भारी वस्तुओं के सुरक्षित स्थानांतरण जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षित एनसीसी कैडेट्स अब आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में स्थानीय प्रशासन को तत्काल सहायता प्रदान कर सकेंगे, जिससे राहत और बचाव कार्यों की गति और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कमान अधिकारी कर्नल दीपक पांडे, सूबेदार मेजर जसविंदर सिंह, सूबेदार अरुण पाल, भी.एच.एम. हीरा पाल, हवलदार शोभाराम भट्ट, श्री हरेंद्र सिंह गुसांई तथा जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून के मास्टर ट्रेनर राजू शाही, श्री सुशील सिंह कैंतुरा और श्री किशन राजगुरु मौजूद रहे।

अधिकारियों ने प्रशिक्षण में शामिल मास्टर ट्रेनरों के योगदान को विशेष रूप से सराहा और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मजबूत बनाते हैं।

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