नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में मंगलवार को कीमती धातुओं की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। चांदी 40 हजार रुपये से ज्यादा की छलांग लगाते हुए 3.70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।
सोना भी पीछे नहीं रहा। पीली धातु की कीमत 7,300 रुपये बढ़कर 1.66 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई। बाजार में यह तेजी ऐसे समय पर आई है, जब निवेशक जोखिम भरे विकल्पों से हटकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।
क्यों चमक रही हैं कीमती धातुएं
बाजार जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर में कमजोरी और केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने-चांदी की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही चांदी को औद्योगिक उपयोग से भी मजबूत सहारा मिल रहा है, जिससे इसकी कीमतों में अतिरिक्त मजबूती देखी जा रही है।
2026 में अब तक की तेजी
चांदी की कीमत इस साल अब तक 1.31 लाख रुपये प्रति किलो बढ़ चुकी है
31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.39 लाख रुपये प्रति किलो थी
जनवरी के अंत तक यह 3.70 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई
वहीं, सोने की कीमतों में भी जनवरी 2026 में अब तक 28,300 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पिछले साल भी दिया दमदार रिटर्न
कैलेंडर वर्ष 2025 में कीमती धातुओं ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया था।
चांदी में करीब 164 प्रतिशत की तेजी रही
सोने ने भी लगभग 73 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया
विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकाल में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है, लेकिन जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती का रुख बना रह सकता है।

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